कर्ज निपटाना भारत माँ का नहीं है इतना आसान
आओ मिलकर करे हम इस धरती पर एहसान
धिक्कारें उस निर्माण को
जिसके नीचे है खाली स्थान
जिसमें भरेगा हर नेता
हर हिंदुस्तानी के खून पसीने से रंगी लिपटी धन दौलत
पैदा होगा एक नेता महान
विषधर कहता फिर भी ये देश
सारे जहां में महान
त्रिलोक चन्द्र जोशी 'विषधर'
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