Nothing special in me but every thing is special in my life.
Tuesday, 23 July 2013
हार को निहार तू मत निहार हार (पराजय )को
हार को निहार तू मत निहार हार (पराजय )को लक्ष्य तेरा विजय पथ मत भटक राह हरी धरा भरी धरा जा निकट मत भटक पार कर कंटीली राह लक्ष्य तेरा विजय पथ मत भटक राह अकेले आया था धरा पर अकेले तू जायगा पीछे मुड़कर देख मत भूत में रह जायेगा (त्रिलोक चन्द्र जोशी विषधर )
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